म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का अवैध ट्रांजेक्शन कराने वाले 03 आरोपी दुर्ग से गिरफ्तार थाना सिटी कोतवाली सारंगढ़ पुलिस की साइबर ठगी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई।
म्यूल अकाउंट का उपयोग कर साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन कराने वाले 03 आरोपी जिला दुर्ग से गिरफ्तार।
मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराकर सर्वर के माध्यम से कराते थे अवैध ट्रांजेक्शन।
करीब 2,000 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की गई।
म्यूल अकाउंट में एक वर्ष के दौरान ₹2,71,75,719/- से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन।
उक्त बैंक खाते के संबंध में विभिन्न राज्यों में 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज।
आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वर्ना कार, 05 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड एवं पासबुक जब्त।
गिरफ्तार आरोपी
1. चेतन निषाद उर्फ भदरी उर्फ लक्की, पिता रमेश निषाद, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम सोंडरा, थाना धरसींवा, हाल कोलिहापुरी, जिला दुर्ग
2. देवा श्रीकांत चन्द्राकर, पिता खेमलाल चन्द्राकर, उम्र 31 वर्ष, निवासी चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग
3. योगेन्द्र चन्द्राकर, पिता विशेष्वर चन्द्राकर, उम्र 32 वर्ष, निवासी चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग।
🔵 *घटना एवं पुलिस कार्रवाई का विवरण*
जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरेन्द्र पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सारंगढ़ श्री गोविन्द दीवान के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली सारंगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान एक बैंक खाते में संदिग्ध एवं अवैध ट्रांजेक्शन पाए गए। जांच में उक्त खाता दिनेश बंजारे के नाम पर होना पाया गया। इस संबंध में थाना सारंगढ़ में अपराध क्रमांक 323/2026, धारा 317(4), 317(5), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि *दिनेश बंजारे द्वारा अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक एवं मोबाइल सिम साइबर ठगी में संलिप्त व्यक्तियों को उपलब्ध कराया गया था, जिसके एवज में उसे कमीशन के रूप में राशि प्राप्त होती थी।*
गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल एवं विभिन्न साइबर शिकायतों के तकनीकी विश्लेषण के दौरान उक्त बैंक खाते की जांच करने पर पाया गया कि एक वर्ष की अवधि में खाते में ₹ *2,71,75,719*/- (दो करोड़ इकहत्तर लाख पचहत्तर हजार सात सौ उन्नीस रुपये) से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है। साथ ही, उक्त बैंक खाते के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों में 56 साइबर धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें दर्ज होना पाया गया।
प्रकरण में पूर्व में अनिल पटेल निवासी सकरतुंगा, दिनेश बंजारे एवं उत्तम बाई बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
प्रकरण की विवेचना को आगे बढ़ाते हुए साइबर ठगी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए लगभग 2,000 मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण एवं जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर पुलिस टीम द्वारा दिनांक 16.09.2026 को चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग में दबिश देकर तीन आरोपियों—
(1) चेतन निषाद उर्फ भदरी उर्फ लक्की,
(2) देवा श्रीकांत चन्द्राकर एवं
(3) योगेन्द्र चन्द्राकर
को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपियों द्वारा मोबाइल फोन में APK फाइल डाउनलोड कराकर तथा सर्वर के माध्यम से अवैध ट्रांजेक्शन कराने की जानकारी दी गई। आरोपियों द्वारा अनिल पटेल के साथ मिलकर दिनेश बंजारे के बैंक खाते में ₹2,71,75,719/- से अधिक की राशि का ट्रांजेक्शन कराए जाने तथा इसके एवज में कमीशन प्राप्त करने की जानकारी सामने आई है।
*आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वर्ना कार क्रमांक CG-10-AQ-7723, अनुमानित कीमत ₹6,00,000/-, 05 नग मोबाइल फोन, अनुमानित कीमत ₹1,50,000/-, तथा एटीएम कार्ड एवं पासबुक जब्त किए गए हैं।*
तीनों आरोपियों को दिनांक 16.09.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर उप जेल सारंगढ़ भेजा गया है।
🔵 *पुलिस टीम*
उक्त संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली सारंगढ़ निरीक्षक प्रमोद यादव, सउनि प्रकाश रजक, प्रधान आरक्षक भंवर काटले, प्रधान आरक्षक सोनसाय यादव, आरक्षक विमल जांगड़े, पुरुषोत्तम राठौर, साइबर सेल से रामकुमार मानिकपुरी, दीपक मैत्री सहित थाना एवं साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।