15 अक्टूबर के बाद सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में आएगी तेजी, कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में दिए निर्देश सारंगढ़–सरायपाली मार्ग पर 21 अक्टूबर से शुरू होगा कार्य, बरसात में बंद निर्माण कार्यों को पुनः प्रारंभ करने के निर्देश भीखमपुरा की सपेरा बस्ती के परिवारों को 15 योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने विशेष शिविर लगाने के निर्देश धान खरीदी, किसान पंजीयन, आवास, ग्रामीण रोजगार, डिजिटल फसल सर्वेक्षण और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा
सारंगढ़–बिलाईगढ़, । कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले में सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, अधोसंरचना विकास और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बरसात के कारण बंद पड़े निर्माण कार्यों को पुनः प्रारंभ करने तथा नवीन स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद जिले में सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाए। उन्होंने सारंगढ़ से सरायपाली और सारंगढ़ से भटगांव मार्ग सहित जिले की प्रमुख सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी ने जानकारी दी कि सारंगढ़ से सरायपाली मार्ग पर आगामी 21 अक्टूबर से कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती साहू ने जिले की सड़कों की वर्तमान स्थिति, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों तथा वर्षा ऋतु के दौरान प्रभावित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रगति की नियमित निगरानी करने तथा मरम्मत योग्य सड़कों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए आवागमन को सुगम बनाने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
भीखमपुरा की सपेरा बस्ती को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने विशेष पहल
बैठक में कलेक्टर ने बरमकेला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित दूरस्थ ग्राम भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में निवासरत परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभिन्न योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से वंचित परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से एक साथ विशेष शिविर आयोजित करें।
इस शिविर के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, पेंशन योजना, महतारी वंदन योजना, श्रमिक पंजीयन, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), श्रम कार्ड, जल जीवन मिशन, शौचालय निर्माण, आधार कार्ड और बैंक खाता जैसी 15 योजनाओं एवं आवश्यक सेवाओं से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई है। इस पहल से सपेरा बस्ती के परिवारों को आवास, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
धान खरीदी की तैयारियों और किसान पंजीयन की समीक्षा
कलेक्टर ने आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026–27 के लिए धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए किसानों के पंजीयन, खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं, बारदानों की उपलब्धता और समितियों की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने धान खरीदी की व्यवस्थाओं को समय रहते सुनिश्चित करने तथा किसानों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा में एग्रीस्टैक के अंतर्गत किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तहसीलवार प्रगति पर चर्चा हुई। प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जिले में किसान पंजीयन की प्रगति 55.86 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत कुल 7 लाख 46 हजार 585 भूखंडों में से 7 लाख 32 हजार 833 भूखंडों का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया है। इस प्रकार सर्वेक्षण की प्रगति 98.16 प्रतिशत रही। कलेक्टर ने शेष कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए पंजीयन और सर्वेक्षण संबंधी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
आवास निर्माण और ग्रामीण रोजगारमूलक कार्यों की प्रगति की समीक्षा
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 2 हजार 132 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 1 हजार 830 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 1 हजार 29 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 737 आवास अपूर्ण हैं। कलेक्टर ने आवास निर्माण की स्थिति, हितग्राहियों को जारी किस्तों तथा शेष निर्माण कार्यों की जानकारी ली और अपूर्ण आवासों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने पर जोर दिया।
बैठक में विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण रोजगार एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रस्तुत प्रगति विवरण के अनुसार जिले की 348 ग्राम पंचायतों में 1 हजार 557 स्वीकृत कार्यों के लिए लगभग 89.98 करोड़ रुपए की राशि दर्शाई गई है। इनमें मजदूरी और सामग्री मद की राशि शामिल है। 6 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार 324 ग्राम पंचायतों में कार्य प्रगतिरत थे, जबकि 24 ग्राम पंचायतों में श्रमिक नियोजन शून्य दर्ज था। कलेक्टर ने रोजगारमूलक कार्यों की प्रगति तथा श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा की।
दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और स्वच्छता कार्यों की समीक्षा
कलेक्टर ने जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की प्रगति की भी जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि बिलाईगढ़ क्षेत्र के पिरदा में मोबाइल टावर चालू हो चुका है। सारंगढ़ क्षेत्र के सहसपानी में टावर का आधार निर्माण पूर्ण होने के बाद सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना एवं टावर खड़ा करने का कार्य प्रगति पर है। वहीं तेंदला क्षेत्र को सहसपानी टावर के माध्यम से नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, सुग्घर छत्तीसगढ़ योजना तथा ग्रामीण स्वच्छता के अंतर्गत फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। बरमकेला, बिलाईगढ़ और सारंगढ़ विकासखंडों में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाए तथा शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरती जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री उमेश साहू, सुश्री शिक्षा शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री शंकर लाल सिन्हा, श्री रजक सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
