सारंगढ टाईम्स दैनिक अखबार के सम्पादक अमितेश केशरवानी एवं मयूरेश केशरवानी के विरूद्ध स्वीपर मोहल्लावासियों ने किया थाने में शिकायत
सारंगढ,,,,सारंगढ स्वीपर मोहल्ला वार्ड कं० 5 के निवासियों ने आज थाने में दिए शिकायत में उल्लेख किया है कि हमारा मोहल्ला रेस्ट हाऊस के सामने स्थित है तथा हमारे मोहल्ला के किनारे मोची मोहल्ला स्थित है दिनांक 7 फरवरी को मोची मोहल्ला के कुछ घरों में गौ मांस के संबंध में शिकायत होने पर छापामार कार्यवाही में गौ मांस जब्त किया गया है। उक्त कार्यवाही को सारंगढ़ टाइम्स दैनिक अकबार में सामने के प्रथम पृष्ठ में स्वीपर मोहल्ला में गौ मांस मिला कहकर छापा गया है जिससे स्वीपर मुहल्ला का बदनामी हो रहा है जबकि स्वीपर मोहल्ला किसी प्रकार का अवैधानिक कार्य नही करते तथा नगरपालिका सारंगढ़ में स्वीपर कर्मचारी है सारंगढ़ टाईम्स दैनिक अखबार में जानबुझकर अखबार के संपादक अमितेश केशरवानी सहसंपादक म्युरेश केशरवानी द्वारा जानबुझकर स्वीपर मोहल्ला को बदनाम करने तथा सामाजिक सहौद्रा बिगाडने हेतु मोची पारा न लिखकर स्वीपर पारा लिखा गया है स्वीपर पारा में यादव, निषाद, कुम्हार एवं समाज के व्यक्ति रहते हैं। तथा यादव समाज गौ रक्षक होते है। इसके दैनिक अखबार के छपने से समाज में विपरीत प्रभाव होकर बदनामी का सामना करना पड रहा है।
मोहल्ले के बच्चे जब स्कूल जाते है तो बच्चे बदनाम करते तथा सफाई कर्मचारी जब सफाई करने जाते है तो मोहल्ले वाले बोलते है इस प्रकार हम लोगों को गौ भक्षक की ताना दिया जाता है जिस कारण दैनिक अखबार सारंगढ टाईम्स के संपादक अमित केशरवानी एवं सहसंपादक म्यरेश केशरवानी के विरूद्ध समाजिक सौहाद्र बिगाडने एवं पूरा स्वीपर मोहल्ला को बदनाम करने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की आवश्यकता है कार्यवाही नहीं करने से समाजिक सौहाद्र बिगडने की प्रबल संभावना है दैनिक अखबार सारंगढ़ टाईम्स के विरूद्ध यदि किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किये जाने से सभी स्वीपर मोहल्ला संपादक अमित केशरवानी एवं सहसंपादक म्यूरेश केशरवानी के विरूद्ध मजबूर होकर धरना प्रदर्शन कर कार्य करना पड़ेगा। जिससे समाजिक जनसुविधा बिगडने की पूर्ण संभावना है इसलिए तत्काल कार्यवाही करने की मांग स्वीपर मोहल्लावासियों ने किया है ग्यात है कि पूर्व में भी उक्त समाचारपत्र के उक्त व्यक्तियों के विरूद्ध सतनामी समाज ने भी इसी प्रकार की शिकायत किया था जिस के बाद माफी मांगने से ही समाज शांत हुआ था।