राजस्व मंत्री ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का किया आह्वान एक पेड़ मां का नाम का भी पौधारोपण किया गया खेत बचाओ अभियान में शामिल हुए सैकड़ों किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का गरिमामयी आयोजन

खबर शेयर करें

सारंगढ़ बिलाईगढ़, /किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने तथा टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को सारंगढ़ के मंडी प्रांगण में प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर के बड़ी संख्या में कृषकों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, ज्योति पटेल, जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

इसे भी पढ़े..  Latest Jobs:12वीं पास के लिए सरकारी नौकरियां, एक्‍साइज कॉन्‍सटेबल बनने का मौका, फटाफट करें अप्‍लाई

मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित सभी अतिथियों द्वारा कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इसके बाद कृषि एवं किसान संस्कृति के प्रतीक दाऊ भगवान बलराम की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया।

इसे भी पढ़े..  Indian Air Force Story: NDA के रहे कैडेट, 3000 घंटे फ्लाइंग करने का अनुभव, अब मिली ये कमान

जैविक खाद निर्माण की वैज्ञानिक तकनीकों की दी जानकारी

प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर मिट्टी को अधिक उर्वर बनाया जा सकता है तथा ह्यूमस बढ़ाकर मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने किसानों को वर्मीकंपोस्ट, वर्मीवॉश, प्रक्षेत्र गोबर खाद, नाडेप खाद तथा हरी खाद जैसे ढैंचा, सनई एवं मूंग के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। जैविक खाद पौधों एवं पशुओं के प्राकृतिक अवशेषों जैसे गोबर, पत्तियां तथा फसल अवशेषों को सड़ाने-गलाने से तैयार की जाती है, जो मिट्टी की उर्वरता एवं जल धारण क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


खबर शेयर करें

Recent Posts