नए साल पर पहली बार पांडव कालीन मंदिर से निकलेगी पंचकोशी पदयात्रा, यहां देखें पूरा कार्यक्रम
खरगोन: नए साल 2025 में विंध्याचल पर्वत की तलहटी में मौजूद पांडव कालीन मां आशापुरी माता के मंदिर से पहली बार पंचक्रोशी पदयात्रा निकलेगी. इस निर्णय पर मंदिर समिति की बैठक में सहमति बनी है. खास बात ये है कि 5 दिवसीय पंचक्रोशी पदयात्रा दो अति प्राचीन देवी के मंदिरों सहित नर्मदा तट के करीब 20 से ज्यादा गांवों से होकर गुजरेगी. साल 2025 के फरवरी महीने की 1 तारीख को यात्रा प्रारम्भ होगी.
दरअसल, खरगोन की महेश्वर तहसील अंतर्गत ग्राम आशापुर में मां आशापुरी का चमत्कारी मंदिर मौजूद है. इस मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है. माना जाता है कि यहां पर पांडव पुत्र अर्जुन और महायोद्धा आल्हा ऊदल ने कठोर तपस्या की थी. यहां पर राजा मांधाता और पृथ्वीराज चौहान सहित देश के 28 गोत्र के लोग माता की पूजा करने आते है. पंचक्रोशी पदयात्रा निकलने से मंदिर की महिमा और बढ़ेंगी.
पांडव कालीन है आशापुरी माता का मंदिर
मंदिर समिति के त्रिलोक यादव ने बताया कि पहले यह मंदिर गुफा नुमा था. 800 साल पहले मंदिर का पहली बार जीर्णोद्धार हुआ था. दूसरी बार साल 2012 में हुआ. आज देश के कोने कोने से श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए यहां आते है. ग्रामीणों ओर मंदिर समिति सदस्यों की मंशा अनुरूप नए साल 2025 से आशापुर एवं पार्वती माता मंदिर के नाम से पहली बार पंचक्रोशी पदयात्रा प्रारंभ की जा रही है. जो हर साल 1 से 5 फरवरी को आयोजित की जाएंगी.
पांच दिवसीय यात्रा का रूट
पहला दिन: 1 फरवरी को सुबह आशापुर माता का पूजन, ध्वज पूजन, आरती के बाद यात्रा आशापुर से ग्राम समसपुरा, मोहना, बबलई से होते हुए पहले पड़ाव सुलियाखेड़ी हनुमान मंदिर पहुंचेगी. यहां रात्रि विश्राम होगा.
दूसरा दिन: 2 फरवरी को प्रातः ध्वज पूजन के बाद यात्रा ग्राम सुलियाखेड़ी से बागदरा होते हुए जूना पानी गौशाला आश्रम होते हुए जामघाट स्थित पार्वती माता मंदिर पहुंचेगी. यहां दर्शन के बाद रात्रि विश्राम होगा.
तीसरा दिन: 3 फरवरी को प्रातः जामघाट से बागदरा होते हुए ग्राम गुलावड़ के प्राचीन नाग मंदिर, सोमाखेड़ी में श्रीराम मंदिर दर्शन, कुंडिया, मोगावां, चुन्दड़िया होते हुए यात्रा के तीसरे पड़ाव करोंदिया में उमिया माता मंदिर पहुंचेगी. यहां रात्रि विश्राम होगा.
चौथा दिन: 4 फरवरी सुबह ग्राम करोंदिया से यात्रा प्रारंभ होगी, उमिया गेट बड़वाह – धामनोद मार्ग से छोटी खरगोन, मंडलेश्वर नर्मदा घाट, गांधीनगर (लाड़वी) होते हुए चौथे पड़ाव राजराजेश्वर मंदिर महेश्वर यात्रा पहुंचेगी. जहां पर रात्रि विश्राम होगा.
पांचवां दिन: 5 फरवरी यात्रा महेश्वर राजराजेश्वर मंदिर से नगर के मुख्य मार्ग से होकर बस स्टैंड, भवानी माता मंदिर, ग्राम इटावदी, करौली होते हुए पुनः आशापुर धाम पहुंचेगी. जहां पर ध्वज पूजन, माता का पूजन, आरती के बाद भंडारे के साथ यात्रा का समापन होगा.