कटंगपाली में अवैध डोलोमाइट पत्थर की सप्लाई: खनिज विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठे

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सारंगढ/कटंगपाली, 28 मार्च 2025: कटंगपाली क्षेत्र में अवैध डोलोमाइट पत्थर की सप्लाई पर खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद से कई सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में खनिज विभाग की टीम ने हाइवा वाहन और चार ट्रैक्टरों को पकड़ा था, जो अवैध रूप से डोलोमाइट पत्थर की सप्लाई कर रहे थे, लेकिन बाद में इन्हें बिना किसी ठोस कारण के छोड़ दिया गया। इस स्थिति ने क्षेत्रीय निवासियों को हैरान कर दिया है, और स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि यह पूरी कार्रवाई किसी निजी स्वार्थ से प्रेरित हो सकती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार को रोकने के बजाय, खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों ने जानबूझकर दोषियों को छोड़ दिया। यह घटनाक्रम उन इलाकों में हो रहा है जहां डोलोमाइट पत्थर की अवैध तस्करी अक्सर देखी जाती रही है, जैसे महुआ पाली और बोंदा मुड़ा क्षेत्र में। इस घटना के बाद से यह सवाल उठने लगा है कि खनिज विभाग क्या पूरी जिम्मेदारी से काम कर रहा है या यह मामला किसी व्यक्तिगत लाभ के चलते नजरअंदाज किया गया है।

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कहीं कोई व्यक्ति या समूह निजी स्वार्थ से तो नहीं जुड़ा?
ग्रामीणों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए की जा रही हो सकती है, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ है कि अवैध तस्करी और संबंधित अधिकारियों के बीच किसी प्रकार की सेटिंग हो सकती है। हालांकि, इस मामले में खनिज विभाग के किसी विशेष अधिकारी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं को लेकर अब विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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सवालों के घेरे में खनिज विभाग
यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है। इस पर गंभीर जांच और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभा रहा है और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार की जांच होती है, तो इसके परिणामस्वरूप दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

आगे की कार्रवाई
स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों की नजर अब इस मामले की निष्पक्ष जांच पर है। सभी की यह उम्मीद है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेगा और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाएगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा न मिले, ताकि क्षेत्रीय लोगों का विश्वास बनाए रखा जा सके।

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इस पूरे घटनाक्रम में यह स्पष्ट हो गया है कि जब तक विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करता, तब तक अवैध गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस लिए खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ उचित जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार के मामलों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।


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