नाली में जली हुई मोबिल का छिड़काव करने से मरते हैं फाइलेरिया (हाथीपांव) फैलाने वाले मच्छर के लार्वा: सीएमएचओ डॉ निराला
सारंगढ़ बिलाईगढ़,/सीएमएचओ डॉ एफ आर निराला ने फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी अधिकारियों को जानकारी दी कि सभी नगरीय निकायों में सीएमओ और ग्राम पंचायतों में पंचायत विभाग के द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम किया जाना है, जिसमें उनके गांव-शहर के नाली में मच्छर के लार्वा पनपते हैं। इसी मच्छर के काटने से फाइलेरिया बीमारी फैलता है। यदि मोटरसायकल, कार, ट्रेक्टर, बस, ट्रक आदि के इंजन ऑयल (मोबिल) का छिड़काव नाली में करने से ऐसे मच्छर के लार्वा नष्ट होंगे, जिससे फाइलेरिया बीमारी की रोकथाम में मदद मिलेगी। फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है, जिससे बचने के लिए दवा सेवन करना ही एकमात्र रास्ता है।
2 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती और बीमार के लिए फाइलेरिया की दवा है नुकसानदेह
स्कूल, आंगनबाड़ी, क्लिनिक, हॉस्पिटल या 10 फरवरी से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन अभियान में घर घर आकर दवा देने पर भी फाइलेरिया की दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे (जन्म से 2 वर्ष), गर्भवती महिला एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को नहीं खिलाना चाहिए, इससे इन लोगों को नुकसान हो सकता है।