महिला ने अपनी बेटी के साथ फांसी पर लटककर अपनी जान दे दी। पति पत्नी में चल रहा था विवाद।  

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    सरगुजा  पति-पत्नी बीच विवाद इस कदर  बढ गया कि महिला ने अपनी बेटी के साथ फांसी पर लटककर अपनी जान दे दी। पहले तो मामला न्यायालय तक पहुंचा। न्यायालय के आदेश पर व्याख्याता पति ने भरण पोषण की राशि भी  देनी शुरू कर दी । पर पत्नी को शायद इससे भी संतुष्ट नहीं थी। पति के स्कूल पहुंच कर हुई थी  दोनों में कलह गुरुवार को वह अपनी छोटी सी  बेटी को साथ लेकर पति के स्कूल पहुंच गई। पति-पत्नी के बीच बातचीत  हुई। कलह को घर में बैठकर सुलझाने के पति के प्रस्ताव और सहकर्मियों की समझाइश भी बेअसर रही। शुक्रवार की सुबह महिला और उसकी अबोध बेटी की उसी स्कूल के सामने पेड़ पर फांसी पर लटकी लाश मिली जिस स्कूल में पति पदस्थ था।मामला सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुन्नी का है। यहां संचालित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने मीना गुप्ता (35) एवं उसकी छह वर्ष की अबोध पुत्री आस्था गुप्ता की फांसी पर लटकी लाश मिली। मृतका मीना गुप्ता के पति संजय गुप्ता हायर सेकेंडरी स्कूल में ही हिंदी के व्याख्याता पद पर पदस्थ हैं। महिला अपनी बेटी को साथ लेकर अलग रहती थी। लखनपुर थाना प्रभारी अश्विनी सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच चल रही है। अभी सभी पक्षों का बयान नहीं लिया जा सका है।पति- पत्नी के बीच चल रहा था विवादव्याख्याता संजय गुप्ता, मूलतः जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के झिकी गांव का रहने वाला है। उनका विवाह 2017 में गुमगा उदयपुर निवासी मीना गुप्ता के साथ हुआ था। 2018 में उनकी पुत्री आस्था गुप्ता का जन्म हुआ। दोनों के बीच विवाद बढ़ा तो संजय गुप्ता ने पत्नी से तलाक के लिए कुटुम्ब न्यायालय में आवेदन दिया था। यह प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है।पत्नी व बेटी से अलग रहता था व्याख्याता पति विवाह के बाद व्याख्याता संजय गुप्ता ने कुन्नी से लगे डूमरघाट बस्ती में घर बनाया था। विवाद बढ़ने के बाद वह अपनी पत्नी एवं बेटी से अलग रहने लगा था। वह अंबिकापुर से भी कुन्नी आना-जाना कर ड्यूटी किया करता था। कुन्नी में उसने किराए का एक मकान भी रखा था। जबकि मां-बेटी घर में ही रहते थे।भरण-पोषण का खर्च उठा रहा थापुलिस के अनुसार व्याख्याता संजय गुप्ता द्वारा न्यायालय के आदेश पर पत्नी को भरण -पोषण के लिए प्रतिमाह सात हजार रुपये दिया करता था। जनवरी 2025 से प्रतिमाह 10 हजार रुपये देना था।उसकी बेटी लखनपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ाई करती थी। स्कूल और वहां तक आने-जाने के लिए वैन का शुल्क भी व्याख्याता संजय गुप्ता ही दे रहे थे। गुरुवार को मीना गुप्ता स्कूटी से बेटी को साथ लेकर पति के स्कूल गई थी। पुलिस के अनुसार पति से उसने एक और घर तथा कुछ और सामान खरीदकर देने की मांग रखी थी। व्याख्याता पति ने समाज के चार लोगों के सामने ही कोई भी जरूरत पूरी करने की बात कही थी ताकि साक्षी भी रहें। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था।

 

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