जिला सत्र न्यायालयों में पदस्थ सत्र न्यायधीशों व अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को हाईकोर्ट ने अपनी सम्पत्ति का विवरण घोषित करने का निर्देश दिया

खबर शेयर करें

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के जिला सत्र न्यायालयों में पदस्थ सत्र न्यायधीशों व अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को हाईकोर्ट ने अपनी सम्पत्ति का विवरण घोषित करने का निर्देश दिया है. इन सभी से बीते वर्ष तक की स्थिति में वार्षिक ब्यौरा मांगा गया है.

छत्तीसगढ़ के बालोद, बलौदा-बाजार, बस्तर में जगदलपुर, बेमेतरा, बिलासपुर, बलरामपुर रामानुजगंज, धमतरी, दुर्ग, रायपुर, जशपुर, कबीरधाम (कवर्धा), मुंगेली , कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, सरगुजा,(अंबिकापुर, सूरजपुर, महासमुंद, उत्तर बस्तर (कांकेर), कोरिया (बैकुंठपुर), जांजगीर-चांपा, कोंडागांव, दक्षिण बस्तर ( दंतेवाडा) में पदस्थ जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों द्वारा संपत्ति की घोषणा प्रस्तुत की जानी है. इस संबंध में हाईकोर्ट ने सभी जिला न्यायधीशों को पत्र प्रेषित कर अपने जिले में पदस्थ सभी न्यायिक अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप में 31 दिसंबर 2024 तक सम्पत्तियों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं.

इसे भी पढ़े..  रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर नए वर्ष में मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं

निर्धारित पीडीएफ प्रारूप में हाईकोर्ट रजिस्ट्री में ई-मेल 28 फरवरी 2025 तक करना होगा. साथ ही इसकी हार्ड कॉपी भी पंजीकृत डाक से भेजने कहा गया है. यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी न्यायिक अधिकारी अपनी सम्पत्तियों की घोषणा व्यक्तिगत रूप से सीधे प्रस्तुत न करें. बता दें कि हर वर्ष न्यायिक अधिकारी इसी प्रकार अपनी संपत्ति की अधिक्कारिक घोषणा करते हैं, यह अनिवार्य प्रक्रिया है.


खबर शेयर करें

Recent Posts