बेरोजगारी ने एक बेटा और मां की जान ले ली,
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बेरोजगारी ने एक बेटा और मां की जान ले ली है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटा 6 साल से नौकरी की तलाश कर रहा था, लेकिन जॉब नहीं लग पाने के साथ बढ़ती उम्र के कारण उसकी शादी भी नहीं हो रही थी. ऐसे में डिप्रेशन इतना बढ़ गया था कि बेटे के साथ मां ने भी जहर खा लिया. पुलिस ने बेटे और मां दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
ग्वालियर थाना क्षेत्र के गौसपुर नंबर-1 में रहने वाले मनीष राजपूत ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पढ़ाई पूरी की थी और उसके बाद लगातार मनीष एक अच्छी नौकरी पाने के लिए कोशिश कर रहा था. लेकिन पिछले छह दिनों से मनीष काफी परेशान रह रहा था. उसकी उम्र 33 साल की हो गई थी और उसकी शादी के रिश्ते भी नहीं आ रहे थे, ऐसे में मनीष के ऊपर तनाव इस कदर हावी हुआ कि उसने संघर्ष करने की जगह जहर खा लिया. मां-बेटे ने परेशान होकर एक साथ जहर खा लिया.
इलाज के दौरान हुई युवक की मौत
परिवार के लोगों को जब पता चला तो उसे तत्काल पास के सिविल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण मनीष को जयारोग्य अस्पताल भेज दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इसी दौरान मनीष की मां राधा राजपूत की भी तबीयत बिगड़ने लगी और उनकी भी मौत हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस को शुरुआती जांच और परिजनों से पूछताछ में यह पता चला कि बेटे मनीष राजपूत की मौत के सदमे में मां राधा राजपूत ने दम तोड़ दिया है.