सारंगढ़-बिलाईगढ़ में गुंडाराज! संपादक पर जानलेवा हमला, सोनू यादव,हनी चित्ता सहित 30 बदमाशों ने बरपाया कहर खुलेआम चाकूबाजी, नाबालिग गैंग का आतंक, जुआ-सट्टा माफिया के इशारे पर अपराध – नगर में दहशत, पत्रकारों में उबाल
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। गुंडा-बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब दिनदहाड़े लूटपाट, मारपीट और खुलेआम चाकूबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामले में दिनांक 8/7/26 रात्रि 10.30 बजे के आसपास सोनू यादव,हनी चित्ता सहित उनके अन्य साथियों के द्वारा स्थानीय अखबार के संपादक रवि तिवारी पर करीब 30 से अधिक बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि महज 5 मिनट के भीतर इतनी बड़ी संख्या में बदमाश मौके पर पहुंच गए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए, जबकि पुलिस का कहीं कोई अता-पता नहीं था। बताया जा रहा है कि यह घटना ट्रक चालकों से मारपीट और लूटपाट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे संपादक रवि तिवारी व उसके साथी किशन गुप्ता पर हमला करने से जुड़ी है। यह स्थिति बताती है कि जिले में अपराधियों का नेटवर्क कितना सक्रिय और संगठित हो चुका है। पुलिस की पेट्रोलिंग और खुफिया तंत्र की पूरी तरह नाकामी इस घटना में साफ दिखाई दे रही है।
बंद के बाद भी दोबारा वारदात — शर्मनाक हालात
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन्हीं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कुछ दिन पहले नगर बंद किया गया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों के हौसले जरा भी कम नहीं हुए। बंद के बाद भी उसी गिरोह द्वारा दोबारा इस तरह की गंभीर घटना को अंजाम देना सीधे-सीधे प्रशासन के लिए शर्मनाक स्थिति है।
नाबालिग और युवाओं का गैंग
सूत्रों के अनुसार,जुआ व सट्टा खाईवाल नाबालिगों और युवाओं को आगे कर अपराध करवा रहे हैं । साथ ही यह भी चर्चा है कि अन्य राज्यों से आकर अपराधी यहां वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग रही। यह खुफिया तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
पुराने मामलों में भी लीपापोती, आरोपी बेखौफ
इससे पहले भी चाकूबाजी, दुकानों में घुसकर मारपीट और दहशत फैलाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन हर बार कमजोर विवेचना और कथित सांठगांठ के चलते आरोपी बच निकलते हैं। यही वजह है कि छूटकर वही अपराधी फिर से बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
जुआ-सट्टा माफिया के इशारे पर अपराध?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन घटनाओं के पीछे जुआ और सट्टा खाईवालों का हाथ है, जिनके इशारे पर यह गिरोह संचालित हो रहा है। अगर यह सच है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर खतरे की घंटी है।
लंबे समय से थानों में जमे कुछ कर्मियों पर भी आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। यदि इनकी निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सारंगढ़ पत्रकारों में उबाल, आंदोलन की कड़ी चेतावनी
इस घटना के बाद जिलेभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश है।जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शहर में पुलिस पेट्रोलिंग लगभग न के बराबर बताई जा रही है। यही कारण है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और आम जनता दहशत में जीने को मजबूर है।
अब सख्त नेतृत्व ही विकल्प
स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि जिले को अब मजबूत और सख्त पुलिस नेतृत्व की जरूरत है, अन्यथा हालात और भी भयावह हो सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता ने अपराधियों के हौसले को और बढ़ा दिया है।जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं और पुलिस की निष्क्रियता यह संकेत दे रही है कि यदि तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और भी बेकाबू हो सकते हैं।