मिर्च की खेती से दशमत साहू की बदली जिंदगी दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर 40 क्विंटल मिर्च का किया उत्पादन और विक्रय, 2 लाख रुपये की सकल बिक्री
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । ग्राम मल्दा-अ की श्रीमती दशमत साहू ने मिर्च उत्पादन को अपनी आजीविका का जरिया बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने खेती को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए मिर्च उत्पादन एवं विक्रय का कार्य शुरू किया। मेहनत का परिणाम यह रहा कि अब तक उन्होंने 40 क्विंटल मिर्च की तुड़ाई कर पूरी उपज का विक्रय कर लिया है।
दशमत साहू के खेत से एक बार में लगभग 10 क्विंटल मिर्च की तुड़ाई हुई। अब तक कुल 40 क्विंटल मिर्च का उत्पादन कर उसका विक्रय लगभग 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया गया। इस तरह मिर्च की बिक्री से 2 लाख रुपये की सकल बिक्री हुई। खेती से प्राप्त इस आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सहारा देने के साथ ही आगे भी आजीविका गतिविधि को बढ़ाने का विश्वास दिया है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़कर दशमत साहू ने यह दिखाया है कि ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से आय के नए अवसर तैयार कर सकती हैं। मिर्च उत्पादन से मिली आमदनी ने उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। अब वे स्वयं अपनी आर्थिक गतिविधि को आगे बढ़ाने के साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान में सामने आ रही बदलाव की ऐसी कहानियां
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की योजनाओं और आजीविका गतिविधियों से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जा रहा है। दशमत साहू की कहानी भी इसी बदलाव की एक मिसाल है। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने खेती को आय का माध्यम बनाया और अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ीं।
मल्दा-अ की दशमत साहू के लिए खेत में उगी मिर्च अब केवल फसल नहीं, बल्कि परिवार की आय और आत्मनिर्भरता का आधार बन रही है। 40 क्विंटल मिर्च का विक्रय और 2 लाख रुपये की सकल बिक्री उनकी मेहनत और आजीविका गतिविधि के सफल परिणाम को दर्शाती है।
समाचार क्रमांक 000// गुलाब डड़सेना