ई-बुक कीपर प्रशिक्षण से महिलाओं को मिली डिजिटल लेखा संधारण की नई दक्षता 320 ई-बुक कीपर को आठ बैच में दिया गया प्रशिक्षण लोकॉस पोर्टल पर स्व सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के आय-व्यय की होगी ऑनलाइन एंट्री
सारंगढ़–बिलाईगढ़। शासन की मंशानुरूप ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूहों की गतिविधियों के साथ डिजिटल लेखा संधारण में दक्ष बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण के तहत तेलंगाना से आए राष्ट्रीय सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों के माध्यम से मरार धर्मशाला, सारंगढ़ में 23 अगस्त से 29 सितंबर 2026 तक चार-चार दिवस के आठ बैच में कुल 320 ई-बुक कीपर को रिफ्रेशर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को ई-बुक कीपर के रूप में अपनी ग्राम पंचायत क्षेत्र के स्व सहायता समूहों एवं ग्राम संगठनों के लेखा अभिलेखों को व्यवस्थित रखने तथा लोकॉस पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री करने की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ई-बुक कीपर अपने-अपने ग्राम पंचायतों में संचालित स्व सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के रजिस्टर में दर्ज आय-व्यय सहित आवश्यक लेखा संबंधी जानकारी को प्रत्येक सप्ताह लोकॉस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करेंगी। इससे समूहों और ग्राम संगठनों की वित्तीय गतिविधियों का नियमित एवं व्यवस्थित डिजिटल संधारण सुनिश्चित होगा।
समय-सीमा में ऑनलाइन एंट्री करने सीईओ जिला पंचायत ने दिए निर्देश
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थी महिलाओं से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई प्रक्रियाओं और लोकॉस पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री से संबंधित जानकारी विस्तार से ली। उन्होंने ई-बुक कीपर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए ग्राम संगठनों एवं स्व सहायता समूहों के आय-व्यय का विवरण निर्धारित समय-सीमा में लोकॉस पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि समूहों की वित्तीय गतिविधियों का नियमित और अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं तेलंगाना से प्रशिक्षण प्रदान करने पहुंचे राष्ट्रीय सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों को जिले की झारा शिल्प कला से निर्मित स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से जिले की महिलाओं को डिजिटल लेखा संधारण की व्यावहारिक जानकारी मिलने के साथ स्व सहायता समूहों और ग्राम संगठनों की वित्तीय गतिविधियों को ऑनलाइन दर्ज करने की जिम्मेदारी के लिए तैयार किया गया है।
