बाढ़ के बीच नाव से गांवों तक पहुंचा स्वास्थ्य अमला, ग्रामीणों के बीच लगाए स्वास्थ्य शिविर महानदी तटीय क्षेत्र के 9 बाढ़ प्रभावित ग्रामों में पहुंची स्वास्थ्य टीम, घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयों का वितरण वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश के बाद कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू की पहल से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का सिलसिला जारी

खबर शेयर करें

सारंगढ़–बिलाईगढ़ । महानदी में आई बाढ़ से प्रभावित जिले के सरिया तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में जब सामान्य आवागमन बाधित है, ऐसे समय में स्वास्थ्य अमला नाव को अपना साधन बनाकर ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। बाढ़ के बीच स्वास्थ्य कर्मियों ने नाव से प्रभावित गांवों का रुख किया और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया। इस दौरान ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और जलजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें ठेंगागुड़ी, तोरा, लिपती, रेबो, बुदबुदा, छोटे नवापारा, रतनपाली और बरगांव सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 9 ग्रामों में पहुंचीं। पानी से घिरे क्षेत्रों में नाव के जरिए पहुंचने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यकतानुसार उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध कराईं। ग्रामीणों को दूषित पानी के उपयोग से बचने, पेयजल को सुरक्षित रखने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान देने तथा संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की समझाइश भी दी गई।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित ग्रामों में प्राथमिकता के साथ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रही हैं। बाढ़ के कारण रास्ते बंद होने और आवागमन प्रभावित होने के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नाव के माध्यम से गांवों तक पहुंचकर ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ की कठिन परिस्थिति में भी प्रभावित परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े और जरूरतमंदों को समय पर उपचार तथा आवश्यक दवाइयां मिल सकें।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित ग्रामों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन आगे भी जारी रहेगा। स्वास्थ्य अमले की यह पहल आपदा की परिस्थिति में ग्रामीणों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ संभावित जलजनित बीमारियों और Surgery की रोकथाम की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।


खबर शेयर करें
इसे भी पढ़े..  खंडवा में मौसम के बदलते मिजाज ने बढ़ाई किसानों की मुसीबतें, फसलों को हो रहा नुकसान

Recent Posts