हड़ताल अवधि के वेतन भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट कर अविलंब आदेश जारी करने की मांग एक तरफ जिले में NHM की AEBAS अटेंडेंस से उपस्थिति की सख्त मॉनिटरिंग, दूसरी तरफ समय पर वेतन तथा सुविधाओं के लाले: लालफीताशाही के रवैये पर भड़के कर्मचारी जनवरी 2026 से वेतन चक्र बदलने के बाद भी हर माह 15-20 दिनों का विलंब

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रायगढ़: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 13 जून 2026 को रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान करने की घोषणा की गई थी। इस सार्वजनिक घोषणा के तीन माह बीत जाने के बाद भी आदेश जारी न होने तथा भुगतान न मिलने से प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मियों में गहरी चिंता, निराशा और आक्रोश व्याप्त है।

*प्रशासनिक लेटलतीफी और आदेश जारी न होने पर सवाल*
NHM कर्मचारी संघ ने घोषणा के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर कड़ा एतराज जताया है। संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री स्तर से घोषणा होने के बाद भी कर्मचारियों को यह जानकारी नहीं दी जा रही है कि संबंधित फाइल किस स्तर पर अटकी है, आदेश जारी करने में क्या प्रक्रिया शेष है और भुगतान कब तक संभव होगा। प्रदेश के ग्रामीण, दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में जान जोखिम में डालकर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के मनोबल को यह प्रशासनिक शिथिलता सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।

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जिले में ही वित्तीय संकट, AEBAS प्रणाली पर दोहरे मापदंड: शकुंतला एक्का
जमीनी हकीकत और प्रशासनिक रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए NHM कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष शकुंतला एक्का ने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि प्रदेश के वित्त मंत्री के गृह जिले में ही स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले NHM कर्मी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि—
> “एक तरफ जिला प्रशासन AEBAS (आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम) लगवाकर कर्मचारियों की पल-पल की उपस्थिति की सख्त निगरानी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा का समय पर पालन कराने और कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।”

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शकुंतला एक्का ने बताया कि माह जनवरी 2026 से वेतन देयक 16 से 15 तारीख की अवधि में प्रस्तुत किए जाने के बावजूद कर्मचारियों को प्रत्येक माह 15-20 दिनों के विलंब से वेतन मिल रहा है, जिससे परिवारों के समक्ष भरण-पोषण और ईएमआई/दैनिक खर्चों का संकट खड़ा हो गया है।

*संघ ने की त्वरित क्रियान्वयन और समय-सीमा तय करने की मांग*
छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पुरन दास ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप 33 दिनों की हड़ताल अवधि के वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अविलंब आदेश जारी किया जाना चाहिए। यदि किसी स्तर पर कोई प्रशासनिक औपचारिकता शेष है, तो उसकी स्थिति सार्वजनिक की जाए और भुगतान की संभावित समय-सीमा की आधिकारिक जानकारी दी जाए।

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संघ ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि हड़ताल अवधि के वेतन के साथ-साथ अन्य सभी लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा हर माह नियमित व समयबद्ध वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कहे जाने वाले इन कर्मचारियों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास कायम रह सके।


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