जिस जमीन पर उम्मीद बोई, उसी ने संवारी गुलाब की आर्थिक जिंदगी तालाब निर्माण से शुरू हुआ मछली पालन का सफर, 250 क्विंटल वार्षिक उत्पादन से 10 से 15 लाख रुपए तक पहुंचा शुद्ध लाभ

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कहानी बदलाव की :

 

सारंगढ़-बिलाईगढ। किसी किसान के लिए उसकी जमीन केवल मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं होती, बल्कि वही उसके परिवार की जरूरतों और बेहतर भविष्य की उम्मीदों का आधार होती है। ग्राम नवरंगपुर के श्री गुलाब पटेल ने भी अपनी जमीन में छिपी इसी संभावना को पहचाना। उन्होंने सोचा कि यदि भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए उसमें तालाब बनाया जाए और व्यवस्थित तरीके से मछली पालन किया जाए, तो इससे आय का एक स्थायी साधन तैयार किया जा सकता है। इसी सोच से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाली एक सफल कहानी में बदल चुका है।

सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम नवरंगपुर का गुलाब पटेल, पिता स्वर्गीय श्री प्रेमलाल पटेल रहने वाला है। उन्होंने मछली पालन को अपनी आजीविका से जोड़ने का निर्णय लिया, लेकिन इसके लिए तालाब निर्माण आवश्यक था। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना उनके इस प्रयास में सहारा बनी। योजना के अंतर्गत उन्हें स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। इस सहयोग से उन्होंने अपनी 0.40 हेक्टेयर भूमि पर जलक्षेत्र विकसित किया और मछली पालन की शुरुआत की।

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तालाब बनने के बाद गुलाब पटेल ने मछली पालन को केवल अतिरिक्त काम के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित आजीविका के रूप में अपनाया। तालाब की देखरेख, मछलियों के पालन-पोषण और उत्पादन पर लगातार ध्यान देते हुए उन्होंने इसे आगे बढ़ाया। मेहनत का परिणाम यह रहा कि आज उनके तालाब से प्रतिवर्ष लगभग 250 क्विंटल मछली का उत्पादन हो रहा है। इससे उन्हें हर साल लगभग 10 से 15 लाख रुपए तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।
इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि गुलाब पटेल ने अपनी ही भूमि को अपनी आर्थिक प्रगति का साधन बनाया। तालाब निर्माण के बाद शुरू हुआ मछली पालन अब उनके लिए नियमित आय का माध्यम बन गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है और अपने संसाधनों का उपयोग कर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। योजना से मिला अनुदान उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं रहा, बल्कि उसने उनकी सोच को एक ठोस अवसर में बदलने का काम किया।
गुलाब पटेल की यह कहानी सेवा संकल्प अभियान की उस भावना को सामने लाती है, जिसमें शासन की योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहकर लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आए। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के माध्यम से मिला सहयोग, विभागीय मार्गदर्शन और गुलाब पटेल की मेहनत जब एक साथ जुड़े, तो 0.40 हेक्टेयर का जलक्षेत्र आज उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बन गया है।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ऐसे हितग्राहियों के अनुभव और बदलाव को समाज के सामने लाने का उद्देश्य यही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ने वाले लोगों की कहानियां दूसरे लोगों तक पहुंचे और वे भी उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें।
समाचार क्रमांक 000// गुलाब डड़सेना


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