चिरायु योजना बनी बच्चों के लिए जीवनदायिनी
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । बालक दुर्गेश निवास उलखर उम्र 4 वर्ष जो जन्मजात मोतियाबिंद से ग्रसित था। चिरायु टीम सारंगढ़ (बी) ने अपने दैनिक भ्रमण के दौरान इस बच्चे के दायीं आंख में दृष्टि दोष (कंजेनिटल कैटरेक्ट) पाया। जो सामान्यतः देखने मे असमर्थ था जिसे ईलाज (ऑपरेशन) की सलाह दिए । जिसे मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रिफर् किये परन्तु छोटे बच्चे के आंख का ऑपरेशन से परिजन थोड़ा विचलित हुए , किन्तु चिरायु टीम की मार्गदर्शन व सक्रियता से उनमें हिम्मत आयी और ऑपरेशन के लिए राजी हुए। टीम को 5 माह लग गए परिजन को समझाने में। अन्ततः अभी 29 नवम्बर 24 को ये ऑपरेशन पूर्णतः निःशुल्क हुवा । इनके परिजन खुश हैं और चिरायु टीम का बारंबार हॄदय की गहराइयों से धन्यवाद दे रहे हैं।
अब बालक दुर्गेश भी अब दूसरी आंख की तरह अपने इस प्रभावित आंख जिसका ऑपरेशन हुवा है उससे सकुशल देख सकेगा इस दुनिया को। चिरायु टीम की इस स्क्रीनिंग, ईलाज व फ़ॉलोअप की समस्त प्रक्रिया में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफआर निराला, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ सिदार, डीपीएम इजारदार, जिला नोडल (चिरायु) डॉ पीडी खरे, चिरायु टीम के डॉ पंकज, डॉ बबीता पटेल, डॉ नम्रता का विशेष सहयोग रहता है।