कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने सुखापाली में महिला समूहों के अमरूद खेती के कार्यों का किया निरीक्षण अमरुद उत्पादन क्षेत्र के 25 एकड़ भूमि में फेंसिंग का कार्य पूर्ण प्रथम चरण में वीएनआर प्रजाति के 5 हजार अमरूद का पौधरोपण पूर्ण खेती के लिए 11 हजार पौधे का लक्ष्य है, सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम स्थापित कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने 1 अमरूद का पौधा लगाकर स्व सहायता समूह की महिलाओं का किया उत्साहवर्धन किया

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सारंगढ़ बिलाईगढ़, /बरमकेला ब्लॉक के ग्राम पंचायत सुखापाली में 14 महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा 25 एकड़ भूमि में सामूहिक रूप से अमरूद की खेती करने का कार्य प्रगति है। इस महत्वाकांक्षी पहल का निरीक्षण कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने दोबारा किया है और महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। इस परियोजना में 25 एकड़ भूमि में फेंसिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रथम चरण में 5,000 वीएनआर प्रजाति के अमरूद पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि कुल 11,000 पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। पौधों की सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम स्थापित किया गया है, जिससे पानी की बचत के साथ बेहतर उत्पादन सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने स्वयं भी एक अमरूद का पौधा लगाकर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।

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कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान मिट्टी परीक्षण की जानकारी ली और उद्यानिकी विभाग को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग देने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि पहले यह सरकारी भूमि बंजर थी, जिसे जमीन में अतिक्रमण कब्जा हटाकर अब उत्पादक खेती में परिवर्तित किया गया है। अमरूद का उत्पादन जुलाई माह से प्रारंभ होने की संभावना है।

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महिला समूह अमरूद के साथ इंटरक्रॉपिंग के रूप में लौकी की भी खेती करेंगे, जिससे अतिरिक्त आय का स्रोत तैयार होगा। कलेक्टर ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल उन्हें “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगी और गांव में ही सशक्त आजीविका का साधन उपलब्ध कराएगी। महिला समूह की महिलाएं रायपुर में संचालित अमरूद खेती का अध्ययन भ्रमण भी कर चुकी हैं, जिससे उन्हें उन्नत तकनीकों की जानकारी मिली है। कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग को निर्देशित किया कि महिला समूहों को हरसंभव तकनीकी एवं संसाधन सहायता प्रदान की जाए। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन शेड-गोडाउन का भी अवलोकन किया गया।


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