यहां दौड़-दौड़ कर जमीन खरीद रहे हैं लोग, बना रहे हैं घर-बंगला, ये है बड़ी वजह

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दुनिया का हर शख्स चाहता है कि उसका सपनों का आशियाना हो. इस पूरी दुनिया में एक जगह हो, जिसे वो अपना कह सके. जहां वो अपनी मर्जी से जी सके. ऐसे में एक इंसान अपनी जिंदगी में पैसे सेव करता है, ताकि वो अपने लिए घर खरीद सके. कुछ लोग जमीन खरीदते हैं और उसके बाद अपना आशियाना बनाते हैं तो कुछ सीधे बना-बनाया फ़्लैट खरीद लेते हैं. इस बीच एक खबर सामने आई है, जिसके मुताबिक़, साल 2024 में मध्यप्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने में लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई.

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अधिकारीयों के मुताबिक, साल 2024 में सबसे अधिक प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन उज्जैन और इंदौर में देखने को मिले. इसके पीछे ख़ास वजह है. अधिकारीयों के मुताबिक, 2028 में लगने वाले सिंहस्थ की वजह से यहां प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के मामले काफी बढ़े हैं. 2024 में मालवा और नीमर क्षेत्र के 15 डिस्ट्रिक्ट में कुल 5 लाख 79 हजार एक सौ 45 प्रॉपर्टी रजिस्टर हुए. इसकी वजह से सरकार को 4496.25 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ. इसमें इंदौर और उज्जैन सबसे आगे रहे.

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2028 में बदलेगी तस्वीर
अधिकारियों के मुताबिक़, 2028 में होने वाले सिंहस्थ की वजह से लोग यहां प्रॉपर्टी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. मेले की वजह से यहां रोड, मेट्रो रेल और कई तरह के डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू हो रहे हैं. लोग प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कर रहे हैं. रजिस्ट्रार डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल इंदौर में 175,737 प्रॉपर्टी रजिस्टर हुए थे जो 2023 के मुकाबले 3,289 ज्यादा थे.

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सरकार को हो रहा मुनाफ़ा
इंदौर के अलावा उज्जैन का भी ऐसा ही हाल रहा. उज्जैन में 2024 में 79,229 प्रॉपर्टी रजिस्टर हुए थे जो 2023 के मुकाबले 4,278 ज्यादा थे. प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन में हुई बढ़त की वजह से सरकार को काफी फायदा हो रहा है. इंदौर की वजह से सरकार को 2439.10 रुपए का फायदा हुआ तो वहीं उज्जैन की वजह से सरकार को 483.95 करोड़ का फायदा हुआ था.

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